बीकानेर में आरजीएचएस योजना में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका, जांच में जुटी एसओजी टीम
बीकानेर। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए संचालित आरजीएचएस योजना में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार की आशंका के बीच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम बीकानेर पहुंची है। शहर की एक निजी डायग्नोस्टिक लैब को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन पड़ताल में जुट गई हैं। सूत्रों के अनुसार बीकानेर में इस प्रकरण की जांच नेमीचंद के नेतृत्व में की जा रही है। एसओजी टीम ने संबंधित लैब से जुड़े रिकॉर्ड, बिल और भुगतान संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक जांच के दौरान आरजीएचएस योजना के तहत जारी कुछ बिलों में पीबीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग से जुड़े चिकित्सक के कथित फर्जी हस्ताक्षर और मुहर मिलने की बात सामने आई है। दस्तावेजों के सत्यापन के लिए एसओजी अधिकारियों ने पीबीएम अस्पताल प्रशासन और संबंधित चिकित्सक से भी पूछताछ की है।
सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें हस्ताक्षर और सील की प्रमाणिकता पर सवाल उठे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरजीएचएस योजना के नाम पर फर्जी जांच, कागजी बिलिंग और चिकित्सकीय अनुमोदन के जरिए करोड़ों रुपए के भुगतान उठाने का खेल लंबे समय से चल रहा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि एसओजी अब लैब से जुड़े वित्तीय लेनदेन, मरीजों के रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट्स और आरजीएचएस पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेजों का तकनीकी परीक्षण भी कर सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित फर्जीवाड़ा किसी एक स्तर पर हुआ या इसमें विभागीय एवं बाहरी लोगों की मिलीभगत भी शामिल है।
हालांकि अब तक एसओजी अथवा प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन चिकित्सा जगत में इस जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।




