बीकानेर में चायनीज मांझे की खरीद पर रोक, आखाबीज और तीज पर इस समय नहीं उड़ा सकेंगे पतंग
बीकानेर में अक्षय द्वितीया और अक्षय तृतीया पर चायनीज मांझे के उपयोग पर फिर से रोक लगा दी गई है। साथ ही सुबह 6 बजे से 8 बजे एवं सायं 5 बजे से 7 बजे के बीच पतंगबाजी नहीं करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस समय पक्षियों का विचरण ज्यादा ही रहता है। जिला कलेक्टर निशांत जैन ने इस संबंध आदेश जारी किए हैं कि कोई भी चायनीज मांझे की खरीद, बिक्री या फिर स्टोरेज करेगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पक्षियों के विचरण की गतिविधियां प्रातः 6 बजे से 8 बजे एवं सायं 5 बजे से 7 बजे के मध्य होती हैं, अतः इस समय पतंग नहीं उड़ाई जा सकेगी। इस आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 एवं यथाप्रचलित सम्यक कानून के तहत संबंधित व्यक्ति एवं व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार अभियोग चलाया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
चायनीज मांझा क्यों नहीं?
कलेक्टर ने बताया कि ’धातु निर्मित मांझा’ या धागे जो नायलोन/प्लास्टिक, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक/टोक्सीक मटेरियल जैसे आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर के बने हों, उनसे गला तक कट सकता है।
यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से तैयार किया जाता हैऔर यह धारदार तथा विद्युत सुचालक होता है। जिसके उपयोग से दुपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को नुकसान होने की संभावना रहती है। विद्युत का सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर करंट आने से पतंग उड़ाने वाले को नुकसान हो सकता है।
इसके मद्देनजर लोक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने के लिए निषेधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।




