खाद्य बीज फैक्ट्रियों व कृषि विभाग संबंधित दूकानों पर मंत्री किरोड़ी मीणा के छापे मारने के बाद वसूली करने वाले दलाल जुगल विश्नोई चढ़ा एसीडी के हत्थे
एक करोड़ तीस लाख नगद बरामद: क्या मंत्री का है सीधा कनेक्शन?
(दैनिक राजस्थानी चिराग की खास खबर)
बीकानेर। अभी अभी खबर मिली है कि लूणकरणसर में नोखा मंडी के जुगल विश्नोई व उसके एक साथी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर ने एक करोड़ तीस लाख रुपए नगदी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। बताया जाता है कि यह भारी रकम राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा खाद्य व बीज फैक्ट्रियों पर छापा मारने के बाद उक्त मामलों को सेटल करवाने के नाम पर मंत्रीजी के दूत बनकर यह लोग वसूली करते थे। दैनिक राजस्थानी चिराग के पास पक्की खबर है कि मंत्री किरोड़ी मीणा जहां जहां भी छापा मारने जाते थे, ऐसे 5-7 लोग साथ रखते थे, मंत्री जी तो छापा मारकर मीडिया के सामने लंबी चौड़ी ढिंगे लगाकर चले जाते , यह लोग वहीं ठहरकर मामले को रफा-दफा करने की सौदेबाजी करते थे। किसी मामले में पेंच अटक जाता और फैक्ट्री वाला मंत्री जी तक सिफारिशें करवाता तो भी वहां से स्पष्ट संकेत मिल जाता था कि सेटल करवाना है तो फलां फलां आदमी से मिलकर बात करो ।
जानकारी जुटाने पर पता चला है कि जुगल विश्नोई नोखा मंडी में खाद्य बीज की दुकान करता है, और यह पहले बिहारीलाल विश्नोई का खास वफादार था, जिनके माध्यम से इसने अनेकों भाजपा नेताओं व मंत्रियों तक पहुंच बनाकर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का खास वफादार बनकर उनके लिए खुफिया एजेंट की तरह काम करने लगा है। जानकारी के मुताबिक 80% मामलों में सौदेबाजी हो जाती थी, और यह लोग उनसे लाखों करोड़ों रुपए वसूल करके लीपापोती की कार्यवाही करवा देते थे, जो 20% गलत कार्यवाही का विरोध करके पैसा नहीं देते थे, उनके खिलाफ कार्रवाई करवाकर उन्हें कानूनी दांव में उलझा देते थे।
हालांकि मंत्री किरोड़ी मीणा तो इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं, मगर लगता नहीं कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत पड़ती है। हाल फिलहाल तो जुगल विश्नोई व उसके साथी को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने गिरफ्त में ले रखा है, और पूछताछ जारी है, मगर संदेह है कि मंत्री जी का सीधा कनेक्शन होने के कारण सबकुछ दब जायेगा। यह बात पक्की है कि अगर मामला दबाया नहीं गया तो भ्रष्टाचार निरोधक विभाग अरबों रुपए के लेन-देन का भंडाफोड़ कर देगा, जिसकी चपेट में मंत्री जी का आना तय है।




