एक साथ मां, भाभी और पत्नी का शव देखकर स्तब्ध हुआ युवक, कांपते हाथों से पहुंचाया अस्पताल
दुख और दर्द की ये कल्पना भी दहला देने वाली है। आंखों के सामने पहले हादसे में कचूमर हुई परिवार की कार और फिर उनमें फंसे मां, पत्नी और भाभियों के खून से सने शवों को देखना किसी भी इंसान का कलेजा कंपा सकता है। पर यही खौफनाक मंजर हरसावा में हादसे का शिकार हुई महिलाओं के पीछे ही गाड़ी में आ रहे परिवार के पुरुषों को देखना पड़ा। हादसा देखते ही एकबारगी तो सब सन्न रह गए। बाद में चीखते-पुकारते हुए कार तक पहुंच उनमें जिंदगी तलाशने लगे। सबसे पहले मोहनी देवी के बेटे ललित कार के पास पहुंचकर हताहतों को निकालने में जुटे। बाद में अन्य 6-7 लोग भी दौड़कर पहुंचे। अपनी आंखों के सामने उजड़ चुके परिवार को देखना और कांपते हाथों से अपनों के शवों को बाहर खींचकर निकालना ऐसा मंजर था, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की रूह तक को रुला दिया। जानकारी के अनुसार जिस कार में महिलाएं सवार थीं वह पहले सबसे पीछे चल रही थी। दो मिनट पहले ही कार चालक ने आगे चल रही परिवार के पुरुषों की कार को ओवर टेक करते हुए पीछे किया था। इसके कुछ देर बाद ही वह कार हादसे का का शिकार हो गई।





