बीकानेर संभाग के इस जिले में अचानक हाई अलर्ट, ‘लॉकडाउन’ जैसे आदेशों सहित कई पाबंदियां
बीकानेर। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर से बड़ी खबर सामने आई है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बढ़ती राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और घुसपैठ की आशंकाओं के बीच प्रशासन ने सरहदी इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने सीमा से सटे 3 किलोमीटर क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं।
शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक सख्त प्रतिबंध
5 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार अब सीमा से सटे इलाकों में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक आम नागरिकों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इन इलाकों में लॉकडाउन जैसे हालात रहेंगे। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सीमा क्षेत्र में तेज रोशनी के उपयोग पर रोक लगाई है। इसके साथ ही लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड-बाजे और पटाखों के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा और जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इन 6 उपखंडों में लागू होंगे आदेश
यह प्रतिबंध श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा से जुड़े छह उपखंडों में लागू रहेगा। इनमें शामिल हैं—श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घड़साना
किसानों को विशेष छूट, लेकिन अनुमति जरूरी
सीमावर्ती इलाकों में खेती-किसानी को देखते हुए प्रशासन ने किसानों को विशेष राहत दी है। यदि रात के समय सिंचाई के लिए खेतों में जाना जरूरी हो, तो किसानों को बीएसएफ या सेना के अधिकारियों से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति सीमा क्षेत्र में प्रवेश करना कानूनी अपराध माना जाएगा।
15 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे आदेश
जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत ये आदेश जारी किए हैं। यह आदेश 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि ड्यूटी पर तैनात केंद्र और राज्य सरकार के अधिकृत कर्मचारियों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है।
बढ़ी सख्ती से उठे सवाल
सीमा से सटे 3 किलोमीटर क्षेत्र में अचानक इतनी सख्ती और रात के समय रोशनी तक पर प्रतिबंध लगाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन मूवमेंट, घुसपैठ या अन्य राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील इनपुट मिली हो सकती है।
हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इसे “जन-सुरक्षा और शांति भंग होने की आशंका” के मद्देनजर उठाया गया कदम बताया है, लेकिन सरहद पर बढ़ी यह चौकसी किसी बड़े सुरक्षा ऑपरेशन की ओर इशारा कर रही है।




