नौकरी बचाने के लिए ट्रेन के एसी कोच में लगाई आग, खुद ही पहुंचा बुझाने
बीकानेर। हनुमानगढ़ बांद्रा-श्रीगंगानगर ट्रेन (अरावली एक्सप्रेस) के दो एसी कोच में आग लगाकर रेलवे की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने आरोपी को गुरुवार को जीआरपी ने 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ट्रेन में इलेक्ट्रिशियन टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत था। जीआरपी एसएचओ मोहनलाल ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पंजाब के फाजिल्का जिले के हरीपुरा निवासी 23 वर्षीय साहिल बिश्नोई को श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ड्यूटी के दौरान बी-4 कोच के यात्री ने रेल मदद 139 पर एसी की अधिक कूलिंग की शिकायत दर्ज कराई थी।
वह नींद आने के कारण शिकायत का समाधान नहीं कर सका। इसके बाद चेतावनी पत्र मिलने की सूचना से उसे नौकरी जाने का डर सताने लगा। इसी डर में उसने लाइटर से कागज जलाकर ए-2 कोच के लिनन स्टोर में रखी चादरों और तकियों के साथ ए-1 कोच के पावर पैनल में आग लगा दी। बाद में उसने घटना का वीडियो भी बनाया, ताकि अधिकारियों को दिखाकर खुद को निर्दोष साबित कर सके। इससे पहले एसपी जीआरपी केवल राम और सीओ हरीराम सोनी, थानाधिकारी मोहनलाल के नेतृत्व में विशेष टीम ने गुरुवार को श्रीगंगानगर में ट्रेन के एसी कोच का मुआयना किया। आरोपी को रेलवे कोर्ट बीकानेर में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
अरावली एक्सप्रेस में ऐलनाबाद-तलवाड़ा के बीच घटना घटना 1 जुलाई को ट्रेन संख्या 14702 अरावली एक्सप्रेस में ऐलनाबाद और तलवाड़ा झील रेलवे स्टेशन के बीच हुई। जांच के दौरान ए-1 कोच के एसी पावर पैनल और ए-2 कोच के लिनन स्टोर में आग लगी मिली। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझने से बड़ा हादसा टल गया। आग फैलती तो यात्रियों की जान-माल के साथ रेलवे की संपत्ति को भारी नुकसान हो सकता था। इस संबंध में सेक्शन इंजीनियर कैरिज एंड वैगन श्रीगंगानगर विष्णुदास ने केस दर्ज करवाया था। कार्रवाई करने वाली टीम में जीआरपी निरीक्षक मोहनलाल, बलवीर सिंह, राजकुमार, कल्याण मल, दिलीप कुमार, बलेंद्र, धर्मसिंह, जयपाल शामिल थे।




