कोरोना के बाद हंता वायरस ने फैलाई दहशत, दहशत में दुनिया, कैसे शुरू हुआ और अब तक किन देशों में पहुंचा? जानें इसके लक्षण और खतरा
कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया एक बार फिर नए वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो गई है। इस बार चिंता का कारण बना है “हंता वायरस”, जिसने हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक क्रूज शिप पर संक्रमण के कई मामले सामने आने और तीन लोगों की मौत के बाद दुनिया भर में अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्पष्ट किया है कि हंता वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से इंसान से इंसान में नहीं फैलता, लेकिन इसके गंभीर लक्षण और ऊंची मृत्यु दर इसे बेहद खतरनाक बनाते हैं।
क्रूज शिप से सामने आया मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार डच झंडे वाला क्रूज शिप “MV Hondius” अर्जेंटीना से रवाना हुआ था। जहाज में करीब 150 पर्यटक सवार थे और यह अंटार्कटिका तथा दक्षिण अटलांटिक के कई द्वीपों से होकर गुजरा। 2 मई को जहाज पर पहला संक्रमण सामने आया। बताया गया कि 70 वर्षीय एक डच नागरिक को बुखार, सिरदर्द और दस्त की शिकायत हुई थी। बाद में उनकी हालत बिगड़ गई और जहाज पर ही उनकी मौत हो गई। 24 अप्रैल को जहाज सेंट हेलेना पहुंचा, जहां मृतक का शव उतारा गया। बाद में उनकी पत्नी की दक्षिण अफ्रीका में मौत हो गई। एक जर्मन महिला की भी संक्रमण से मौत होने की खबर है। WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस के अनुसार अब तक पांच पुष्ट और तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
किन देशों में फैला अलर्ट
संक्रमण के बाद कई देशों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इनमें—
अर्जेंटीना,दक्षिण अफ्रीका,सेंट हेलेना,केप वर्डे,नीदरलैंड,ब्रिटेन शामिल हैं। इसके अलावा कनाडा, जर्मनी, अमेरिका, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, स्वीडन और स्विट्जरलैंड सहित कई देशों को भी सतर्क किया गया है।
क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से संक्रमित चूहों और अन्य कृन्तकों (Rodents) के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित जानवरों के मूत्र, मल या लार के संपर्क में आने अथवा संक्रमित धूल के कण सांस के जरिए शरीर में जाने से यह वायरस फैल सकता है
कितने प्रकार का होता है वायरस?
विशेषज्ञों के अनुसार हंता वायरस दो प्रमुख प्रकार का होता है—
1. ओल्ड वर्ल्ड हंता वायरस
यह यूरोप और एशिया में पाया जाता है और मुख्य रूप से किडनी को प्रभावित करता है। इसकी मृत्यु दर लगभग 1 से 15 प्रतिशत तक मानी जाती है।
2. न्यू वर्ल्ड हंता वायरस
यह अमेरिका में पाया जाता है और अधिक घातक माना जाता है। यह फेफड़ों पर हमला करता है और मरीज के फेफड़ों में तेजी से पानी भर सकता है। इस वैरिएंट में मृत्यु दर 35 से 50 प्रतिशत तक बताई जाती है।
हंता वायरस के प्रमुख लक्षण
तेज बुखार,सिरदर्द,बदन दर्द,थकान,उल्टी और दस्त, सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में पानी भरना
WHO ने क्या कहा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, इसलिए फिलहाल वैश्विक महामारी जैसी स्थिति की आशंका कम है। हालांकि स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क रहने और संक्रमित व्यक्तियों की जल्द पहचान कर इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई, संक्रमित कृन्तकों से दूरी और शुरुआती इलाज ही इस वायरस से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।






