बीकानेर: महिला की मौत, गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से तबीयत बिगड़ने का आरोप
बीकानेर। पीबीएम अस्पताल स्थित आचार्य तुलसी रीजनल कैंसर रिसर्च सेंटर में गुरुवार को एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया। आरोप है कि नर्स ने दर्द निवारक इंजेक्शन “डाइक्लोफेनाक’ कैनुला में तेज गति से लगाया था। मृतका के लास्ट स्टेज का पेट का कैंसर था। रतनगढ़ निवासी को गुरुवार सुबह कैंसर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके पेट में रह-रह कर दर्द उठ रहा था। रात को दर्द का इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद रचना के हाथ में तेज जलन होने लगी और उसके होंठ काले पड़ गए। वह बेड पर ही लुढ़क कर निढाल हो गई।
डॉक्टरों ने ऑक्सीजन लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सूचना मिलने पर डॉक्टर वार्ड में पहुंचे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को मॉर्चरी में शिफ्ट करवा दिया गया। इस घटना से परिजन बिफर पड़े। कुछ ही देर बाद कांग्रेसी नेता रामनिवास कूकणा भी मौके पर पहुंच गए। अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा। मृतका के पति का कहना है कि पत्नी की स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह चली जाती। पत्नी को दर्द से तड़पता देख व्यक्ति ने वार्ड में नर्सिंग स्टाफ को बताया। नर्स ने फर्स्ट फ्लोर से ड्यूटी डॉक्टर को बुलाने के लिए उनको ही भेज दिया। उस दौरान डॉक्टर किसी दूसरे मरीज को देख रही थीं। कई चक्कर लगाने पड़े। व्यक्ति का कहना है कि डॉक्टर देरी से पहुंची और उसे झिड़क भी दिया। इंजेक्शन लगाने के बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया, लेकिन उसे चालू करना ही भूल गए।





