पिता ने खो दीं दोनों बेटियां और दामाद, यात्रा पर निकला था परिवार, हर किसी की आंख हुई नम
बालोतरा। अमरनाथ यात्रा पर आस्था के साथ निकला बालोतरा का एक परिवार कभी नहीं सोच सकता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का अंतिम सफर बन जाएगा। पंजाब के बठिंडा के पास हुए भीषण सड़क हादसे ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। बुधवार सुबह हादसे की खबर जैसे ही सोशल मीडिया और टीवी के माध्यम से बालोतरा पहुंची, गांधीपुरा सहित पूरे शहर में सन्नाटा पसर गया। जिस व्यक्ति को शहर में हर कोई प्यार से ‘पीपी’ कहकर पुकारता था, उसी पंकज परिहार के निधन की खबर पर किसी को पहले विश्वास ही नहीं हुआ। लेकिन जैसे-जैसे पुष्टि होती गई, हर आंख नम होती चली गई।
पंकज परिहार पहले भी सड़क हादसे की त्रासदी झेल चुके परिवार से थे। करीब तीन दशक पहले बाड़मेर के किटनोद के पास हुए सड़क हादसे में उनके पिता पूनमचंद परिहार और भाई का निधन हो गया था। इसके बाद पंकज को पिता के स्थान पर वाणिज्य कर विभाग में सरकारी सेवा मिली और उन्होंने अपनी मां चंदन देवी का सहारा बनकर पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली। कुछ वर्ष पहले उन्होंने अपनी मां के घुटनों का ऑपरेशन भी करवाया था। अब उसी मां ने अपने इकलौते बेटे और बहू को एक साथ खो दिया। पंकज के दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा दीपक सुन नहीं सकता, जबकि छोटा बेटा हितेश पढ़ाई कर रहा है। बड़ी बेटी अंकिता का विवाह हो चुका है और दूसरी बेटी रुचिका उर्फ जीजू के विवाह की तैयारियों को लेकर परिवार चिंतित था।




