रणवीर सिंह पर FWICE का एक्शन! अब बॉलीवुड में नहीं कर पाएंगे काम? जानिए पूरा मामला
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh और फिल्म Don 3 को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच Federation of Western India Cine Employees (FWICE) ने बड़ा कदम उठाते हुए रणवीर सिंह के खिलाफ “नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव” जारी कर दिया है। फेडरेशन का कहना है कि उसके चार लाख से अधिक सदस्य रणवीर सिंह के साथ फिलहाल काम नहीं करेंगे। आरोप है कि अभिनेता ने Farhan Akhtar की फिल्म डॉन 3 से आखिरी समय में किनारा कर लिया, जबकि फिल्म का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से चल रहा था।
क्या रणवीर सिंह पर लगा है बैन?
FWICE द्वारा जारी यह आदेश किसी सरकारी या कानूनी प्रतिबंध की तरह नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि रणवीर सिंह फिल्मों में काम नहीं कर सकते या फिल्में साइन नहीं कर सकते। यह एक असहयोग निर्देश (Non-Cooperation Directive) है, जिसके तहत फेडरेशन से जुड़े तकनीशियन, वर्कर्स और सदस्य अभिनेता या उनके प्रोजेक्ट्स के साथ काम नहीं करेंगे। फिल्म इंडस्ट्री में तकनीकी स्टाफ, वर्कर्स और यूनिट सदस्यों की बड़ी भूमिका होती है। ऐसे में इस तरह के कदम से किसी प्रोजेक्ट के निर्माण और शूटिंग पर असर पड़ सकता है।
रणवीर के प्रोजेक्ट्स को भी हो सकती है परेशानी
फेडरेशन के फैसले के अनुसार सदस्य रणवीर सिंह और उनके भविष्य के प्रोजेक्ट्स के साथ सहयोग नहीं करेंगे। साथ ही निर्माता संगठनों से भी इस मामले में समर्थन देने की अपील की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि विवाद नहीं सुलझता तो रणवीर सिंह के लिए भारत में नई फिल्मों की शूटिंग और प्रोडक्शन प्रभावित हो सकता है।
डॉन 3 छोड़ने पर बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि डॉन 3 की तैयारियां काफी आगे बढ़ चुकी थीं। फिल्म की शूटिंग योजना बन चुकी थी और यूनिट रवाना होने की स्थिति में थी। इसी दौरान रणवीर सिंह ने कथित तौर पर फिल्म से अलग होने का फैसला लिया। फिल्म का निर्माण कर रही Excel Entertainment ने प्री-प्रोडक्शन में हुए खर्च के मुआवजे के रूप में 45 करोड़ रुपये की मांग भी रखी है।
FWICE ने कई नोटिस भेजे
FWICE के मुख्य सलाहकार Ashoke Pandit के अनुसार फेडरेशन ने पहले इस मामले को बातचीत से सुलझाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि रणवीर सिंह को कई बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। बाद में उनकी टीम की ओर से ईमेल भेजा गया, जिससे फेडरेशन संतुष्ट नहीं हुआ।
‘इंडस्ट्री भरोसे पर चलती है’
अशोक पंडित ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री पूरी तरह भरोसे और समन्वय पर चलती है। जब किसी अभिनेता को साइन किया जाता है तो उसी आधार पर लोकेशन, तकनीकी टीम, सेट और अन्य तैयारियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई अभिनेता आखिरी समय में प्रोजेक्ट छोड़ देता है तो इसका असर सिर्फ निर्माता पर नहीं बल्कि सैकड़ों वर्कर्स और तकनीशियनों पर भी पड़ता है।
फिलहाल रणवीर सिंह की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मामला फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।






