बीकानेर: आखिर ऐसा क्या हुआ की इस विभाग को जारी करना पड़ा फील्ड में रहने का निर्देश
बीकानेर। जल संसाधन विभाग ने कामकाज में पारदर्शिता लाने और सिंचाई परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए सख्त आदेश जारी किया है। अब प्रदेश के सभी मुख्य अभियंताओं और अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं को महीने में लगातार 10 दिन फील्ड में अनिवार्य रूप से बिताने होंगे। यह आदेश जारी होते ही महकमे में खलबली मच गई है।
आईजीएनपी के अभियंता दो दिनों से फील्ड में घूम रहे हैं। सरकार का स्पष्ट मत है कि राजधानी के एयरकंडीशन कमरों में बैठकर नहरों के अंतिम छोर (टेल) तक पानी सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। इसके लिए अधिकारियों को धरातल पर उतरना होगा। इस सख्त तेवर का असर ग्राउंड जीरो पर दिखने लगा है। आईजीएनपी मुख्य अभियंता विवेक गोयल और अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुनील कटारिया ने आरडी 750 का दौरा कर मरम्मत कार्यों और पानी चोरी रोकने के निगरानी तंत्र का जायजा लिया। यह दौरा केवल औपचारिकता न रहे, इसके लिए अधिकारियों को अपनी विजिट की दैनिक प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसमें पैदल निरीक्षण की दूरी, पकड़ी गई पानी चोरी और मौके पर निस्तारित समस्याओं का विवरण देना अनिवार्य होगा। अधिकारी अब किसानों से सीधा संवाद कर उनकी छोटी-मोटी समस्याओं का तुरंत समाधान कर रहे हैं।
विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि फील्ड स्टाफ की ढिलाई के कारण नहरों के अंतिम छोर तक किसानों को उनके हक का पानी नहीं मिल रहा है। रसूखदार लोग अवैध पाइप डालकर पानी चोरी कर रहे हैं। बजट घोषणाओं के तहत स्वीकृत कई प्रोजेक्ट्स फाइलों में तो पूरे हो गए, लेकिन जमीन पर काम अधूरा है, जिसकी पोल अब बड़े अधिकारियों के दौरों में खुलेगी। अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने बताया कि दौरे के दौरान किसानों से सीधा संवाद किया जा रहा है ताकि उनकी छोटी-मोटी समस्याओं के लिए उन्हें बीकानेर या जयपुर के चक्कर न लगाने पड़ें।




