भ्रष्टाचार के आरोप में दो पूर्व मंत्रियों को मौत की सजा, CCTV जांच रिपोर्ट से हुआ रिश्वत लेने का खुलासा
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बड़ा फैसला सामने आया है। चीन की सैन्य अदालत ने पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को भ्रष्टाचार के आरोप में मौत की सजा सुनाई है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं को पहले दो साल तक जेल में रखा जाएगा। यदि इस दौरान वे कोई नया अपराध नहीं करते हैं, तो उनकी सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत की गई है। पिछले कुछ वर्षों में सेना और रक्षा क्षेत्र के कई बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
ली शांगफू पर गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार ली शांगफू को अक्टूबर 2025 में रक्षा मंत्री पद से हटाया गया था। इसके बाद वे लंबे समय तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए, जिससे उनके खिलाफ जांच की अटकलें तेज हो गई थीं।
जांच एजेंसियों को कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों में बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने, रिश्वत देने और पद के दुरुपयोग के प्रमाण मिले। उन पर पार्टी अनुशासन और कानून का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी गतिविधियों से सेना की हथियार विकास परियोजनाओं और सैन्य उपकरणों की छवि को नुकसान पहुंचा।
वेई फेंगहे पर भी रिश्वतखोरी के आरोप
पूर्व रक्षा मंत्री वेई फेंगहे पर भी रक्षा मंत्रालय से जुड़े फैसलों में फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत लेने और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं। वे चीन की सेना की रॉकेट फोर्स के कमांडर भी रह चुके हैं, जो मिसाइल और परमाणु हथियार प्रणाली का संचालन करती है।
चीनी अदालत ने जांच में मिले सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया। इस फैसले को चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।






