राजस्थान में दहेज लेने पर स्कूल लेक्चरर सस्पेंड, पत्नी की शिकायत के बाद कार्रवाई
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने राजनीति विज्ञान के स्कूल लेक्चरर दीपक शर्मा को दहेज लेने के आरोप में सस्पेंड किया है। दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पत्नी ने शिकायत की थी। लेक्चरर पर शादी में दहेज लेने और सरकारी सेवा में जॉइनिंग के समय विभाग को गुमराह करने के लिए गलत शपथ-पत्र (एफिडेविट) देने का आरोप है। मामला सवाई माधोपुर के कुंडेरा थाने से शुरू हुआ था। लेक्चरर की पत्नी ने 10 जुलाई 2025 को अपने पति दीपक कुमार शर्मा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। पत्नी ने केवल पुलिस में ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग में भी पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिक्षा विभाग ने जब इस मामले की आंतरिक जांच की, तो आरोपों की गंभीरता को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने 9 अप्रैल को दीपक को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
विभागीय नियमों के अनुसार, सरकारी सेवा में आते समय कर्मचारी को यह वचन देना होता है कि उसने अपनी शादी में दहेज नहीं लिया है। दीपक कुमार शर्मा ने 1 मार्च 2024 को जॉइनिंग के वक्त शपथ-पत्र दिया था। दावा किया जा रहा है कि शपथ-पत्र में लिखा था कि उन्होंने अपनी शादी में कोई दहेज नहीं लिया। उन्होंने शादी की तारीख 3 मई 2023 बताई थी। जांच में पाया गया कि लेक्चरर ने पद पाने के लिए विभाग को गलत जानकारी दी, जो कि सेवा नियमों का उल्लंघन है।




